Gold Price in India: यह 5 प्रमुख कारण जो रोजाना भाव तोड़ रहे हैं – अब तक ₹11,000 सस्ता, आगे क्या होगा? सब कुछ जान लीजिए

Gold Price in India

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Gold Price in India: 2025 में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने का बाजार थोड़ा सुस्त पड़ गया है। कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर सोने की दरें $4,100 प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर से लुढ़ककर लगभग $4,084 पर पहुंच गईं। केडिया एडवाइजरी के अनुसार, घरेलू MCX बाजार में सोना ₹1,32,294 प्रति 10 ग्राम के शिखर से गिरकर ₹1,20,515 पर आ गया। इससे करीब 10% की कमी हुई, यानी ₹11,779 का नुकसान। चांदी में एमसीएक्स पर तो 15.6% तक की तेज गिरावट देखी गई। यह दबाव डॉलर की मजबूती और निवेशकों के मुनाफे की बिकवाली से बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत $4,381.40 से घटकर $4,004.50 प्रति औंस हो गई, जो लगभग 8.6% की कमी दर्शाती है। Expert के अनुसार, यह कमी हाल की तेज चढ़ाई के बाद एक सामान्य सुधार मात्र है। 2025 में सोने की दरें अब तक 56 Percent चढ़ चुकी थीं, इसलिए लाभ बुक करना लाजमी था।

Gold Price in India: चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट

Gold Price in India: देशी बाजार में MCX सिल्वर की गिरावट तो और भी तीखी रही हैं। यहां भाव ₹1,70,415 के ऊंचे स्तर से फिसलकर ₹1,43,819 पर पहुंच गए—मतलब कुल ₹26,596 का घाटा और करीब 15.6 Percent की कमी। दुनिया भर के बाजार में भी चांदी $54.46 डॉलर से नीचे आकर $47.60 डॉलर पर कारोबार कर रही है, यानी 12.6 फीसदी की तेज गिरावट आ गई।

Read More 

Gold Price in India: सोने की कीमतों में गिरावट के पांच मुख्य कारण

Gold Price in India: सोने की कीमतों में गिरावट के पांच मुख्य कारण

पहला कारण: यह गिरावट डर की वजह से नहीं, बल्कि सामान्य सुधार (Correction) की निशानी है। गोल्डसिल्वर सेंट्रल के मैनेजिंग डायरेक्टर ब्रायन लैन कहते हैं की हाल की तेज चढ़ाई के बाद यह स्वाभाविक सुधार है। छोटी अवधि में कुछ दबाव बने रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। 2025 में अब तक सोने की कीमतें करीब 56% ऊपर गई हैं, इसलिए यह हल्की गिरावट बाजार को संतुलित कर रही है।

दूसरा कारण: Dollar index में 0.2% की बढ़त ने सोने पर दबाव डाला है। सोना डॉलर में कीमत तय होती है, इसलिए मजबूत डॉलर विदेशी खरीदारों के लिए इसे महंगा बना देता है। भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है, वहां 24 कैरेट सोना ₹12,508 प्रति ग्राम और 22 कैरेट ₹11,465 प्रति ग्राम पर आ गया।

तीसरा कारण: निवेशक अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जो जारी हो गया है। यह रिपोर्ट बताएगी कि सितंबर में मुख्य महंगाई दर 3.1% पर स्थिर रही या नहीं। बाजार को लगता है कि फेडरल रिजर्व अपनी अगली मीटिंग में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती करेगा – जो सोने के लिए लंबे समय में अच्छी खबर है।

चौथा कारण: सोने की तेज उछाल का बड़ा कारण दुनिया भर में युद्ध और अनिश्चितता थी। लेकिन अब हालात सुधरते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की पुष्टि की है और रूस-यूक्रेन युद्ध पर शांति की आशा जताई है। इससे सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग में हल्की कमी आई है।

पांचवां कारण: मोटिलाल ओसवाल Financial Services के मनीष मोदी का मानना है कि गिरावट का मुख्य कारण मुनाफा कम करना (Profit booking) और Margin calls हैं। वे कहते हैं की बाजार के बुनियादी तत्वों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। यह सिर्फ उतार-चढ़ाव है, जो मुनाफा उठाने और तकनीकी स्तरों की वजह से हो रहा है।

आगे क्या सस्ता होगा?

Gold Price in India: Experts का कहना है कि छोटी अवधि में सोने में स्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन लंबी अवधि का रुझान मजबूत है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, संभावित ब्याज दर कटौती और भू-राजनीतिक तनाव सोने को सहारा देते रहेंगे। अभी नजर अमेरिकी CPI डेटा और फेड के बयान पर है, जो अगला कदम तय करेंगे।

निष्कर्ष

Gold Price in India: सोने की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता पैदा की है, लेकिन यह बाजार की प्राकृतिक गतिशीलता का हिस्सा मात्र है। जैसा कि हमने चर्चा की, यह गिरावट किसी गंभीर संकट की बजाय सामान्य Correction, Dollar Strength, Profit Booking, Geopolitical सुधारों और आगामी आर्थिक डेटा के इंतजार से उपजी है। आज, 24 अक्टूबर 2025 को, अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा जारी होने के साथ ही बाजार की दिशा स्पष्ट हो गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, सितंबर 2025 में कोर CPI दर 3.1% पर स्थिर रही, जो अगस्त के 2.9% से थोड़ी ऊपर है। यह आंकड़ा फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में 25 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती की उम्मीदों को मजबूत करता है, जो सोने के लिए लंबी अवधि में सकारात्मक सिग्नल है। कम ब्याज दरें निवेशकों को बिना ब्याज वाले संपत्तियों जैसे सोने की ओर आकर्षित करती हैं, क्योंकि यह मुद्रास्फीति के खिलाफ एक विश्वसनीय हेज बन जाता है। ऐसे ही Finance जानकारी के लिए हमे फॉलो जरूर करें धन्यबाद! Gold Price in India

इसे भी पढ़ें-

Amazon Diwali Deals 2025: Amazon दिवाली धमाका ऑफर आज ही खरीदारी करे और पाये भारी छूट

FAQ

Q1. सोने की कीमत कैसे तय होती है?

सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर रेट, और मांग-आपूर्ति पर निर्भर करती है।

Q2. क्या हर दिन सोने की कीमत बदलती है?

हाँ, सोने की कीमत रोज़ाना अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव के साथ अपडेट होती है।

Q3. 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड में क्या फर्क है?

24 कैरेट गोल्ड शुद्ध होता है जबकि 22 कैरेट में थोड़ा मिश्र धातु मिलाया जाता है जिससे यह मजबूत बनता है।

Q4. क्या अभी सोने में निवेश करना सही है?

अगर आप दीर्घकालिक निवेश चाहते हैं तो सोना एक सुरक्षित विकल्प है।

Q5. सोने की कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?

महंगाई, अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक स्थिति और डॉलर की कमजोरी कीमत बढ़ाने के प्रमुख कारण हैं।

Q6. भारत में सोने की दर कहाँ देख सकते हैं?

आप लाइव गोल्ड प्राइस बैंक वेबसाइट, ज्वेलरी पोर्टल या न्यूज साइट्स पर देख सकते हैं।

Gold Price in India

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *